1) *चालाकी कहाँ मिलती है, मुझे भी बता दो दोस्तों, हर कोई ठग ले जाता है, जरा सा मीठा बोल कर....!!* 2) *तुम बात करो या ना करो ये तुम्हारी मर्ज़ी, मैं तुम्हें याद ना करूं ये मुझे गवारा नहीं।* 3) *गुलजार खिले हो परियों के, और मंजिल की तैयारी हो कपड़ों पर रंग के छींटों से खुशरंग अजब गुलकारी हो।*